“हैदराबाद विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग ने मुझे केवल शैक्षणिक ज्ञान ही नहीं दिया बल्कि शोध-दृष्टि, आलोचनात्मक चिंतन और सामाजिक सरोकारों के प्रति संवेदनशीलता भी प्रदान की। M.A., M.Phil. और Ph.D. की मेरी पूरी शैक्षणिक यात्रा इस विभाग में सम्पन्न हुई, जिसने मेरे व्यक्तित्व और अकादमिक जीवन को गहराई से आकार दिया। आज मैं अपने शोध एवं शैक्षणिक कार्यों में जो भी योगदान दे पा रहा हूँ, उसमें विभाग के शिक्षकों, शोधपरक वातावरण और बौद्धिक संवादों की महत्वपूर्ण भूमिका है। मैं डॉ. राठोड पुंडलिक विभाग की निरंतर प्रगति और उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूँ।”
